इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना (Indira Gandhi Matritva Poshan Yojana) साल 2026 के लिए राजस्थान सरकार द्वारा 19 नवंबर 2020 को शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की गर्भवती महिलाओं को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। यह 6,000 रुपये की राशि दूसरे बच्चे के जन्म पर पांच चरणों में प्रदान की जाएगी। यहाँ आप इस योजना की सहायता राशि वितरण, किश्तों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरणों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
राजस्थान इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना 2026
राजस्थान राज्य सरकार ने गर्भवती महिलाओं, माताओं और शिशुओं के पोषण के लिए इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना 2026 शुरू की है। इस योजना के पहले चरण में, राज्य के 4 जिलों की गर्भवती महिलाओं को किश्तों में 6,000 रुपये की प्रसूति सहायता राशि दी जा रही थी।
23 फरवरी 2022 का अपडेट: राजस्थान बजट 2022-23 में, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना को पूरे राज्य में लागू करने की घोषणा की। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वस्थ और पोषित बच्चे ही देश का भविष्य हैं। गर्भवती महिला को सही पोषण मिलने से नवजात शिशु का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना में किश्तें और राशि
राजस्थान में इस योजना के तहत सहायता राशि वितरण के लिए 5 चरण निर्धारित किए गए हैं:-
- पहली किश्त (1000 रुपये) - गर्भावस्था जांच और पंजीकरण के समय।
- दूसरी किश्त (1000 रुपये) - कम से कम दो बार प्रसव पूर्व जांच पूरी होने पर।
- तीसरी किश्त (1000 रुपये) - संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) होने पर।
- चौथी किश्त (2000 रुपये) - बच्चे के जन्म के 105 दिनों तक सभी नियमित टीकाकरण पूरा होने पर।
- पांचवीं किश्त (1000 रुपये) - दूसरे बच्चे के जन्म के 3 महीने के भीतर परिवार नियोजन के साधन अपनाने पर।
यह सहायता राशि राज्य के सभी जिलों में दूसरे बच्चे के जन्म पर गर्भवती लाभार्थियों को प्रदान की जाएगी।