छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना (Indira Van Mitan Yojana): छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 के लिए इंदिरा वन मितान योजना का शुभारंभ किया है। इस नई पहल का मुख्य लक्ष्य राज्य के वनवासियों को आत्मनिर्भर बनाना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सरकार लगभग 10,000 आदिवासी बहुल गांवों में युवा समूह गठित करेगी, जो वनों पर आधारित सभी आर्थिक गतिविधियों का संचालन करेंगे। ये गतिविधियाँ वनवासियों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।

CG Indira Van Mitan Yojana (छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना) 2026

इस योजना के जरिए राज्य सरकार अनुसूचित क्षेत्रों के लगभग 19 लाख परिवारों तक अपनी पहुंच बनाएगी। गठित युवा समूह वनों के प्रबंधन और वनोपज के संग्रहण की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही, ये समूह वन उत्पादों की खरीद की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे ताकि ग्रामीणों को उनकी उपज का उचित बाजार मूल्य प्राप्त हो सके।

Chhattisgarh Indira Van Mitan Yojana in Hindi

इंदिरा वन मितान योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य वनांचल में रहने वाले नागरिकों का सर्वांगीण विकास करना है। इस योजना का ध्येय राज्य के आदिवासी गांवों को स्वावलंबी बनाना है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 9 अगस्त 2020 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी।

इस योजना के तहत 10,000 गांवों में 10 से 15 युवाओं के समूह बनाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ये समूह वन आधारित आर्थिक गतिविधियों का संचालन करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक आदिवासी विकासखंड में वनोपज प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य अनुसूचित क्षेत्रों के 19 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना है। समूहों को वृक्षों के प्रबंधन का अधिकार मिलने से वे वनोपज का बेहतर संग्रहण कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे।

छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना लांच

योजना के अंतर्गत गठित समूह ही वन उत्पादों की खरीद, प्रसंस्करण और उनकी मार्केटिंग का कार्य देखेंगे। यह पहल वनवासियों के लिए स्वरोजगार के द्वार खोलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी।

राज्य सरकार ने पहले से चल रहे 7 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीद की संख्या को बढ़ाकर अब 31 कर दिया है।