मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित परिवारों की बेटियों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के विवाह हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना (जिसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नाम से भी जाना जाता है) का मुख्य उद्देश्य विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से विवाह करने वाली कन्याओं को सरकार की ओर से 55,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है।
इस जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के रूप में हुई थी। नवंबर 2015 में इसका नाम संशोधित कर 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना' किया गया। समय के साथ सहायता राशि को 28,000 रुपए से बढ़ाकर 51,000 रुपए और वर्तमान में इसे 55,000 रुपए निर्धारित कर दिया गया है।
यह योजना सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा क्रियान्वित की जाती है। इस पहल के तहत नवविवाहित जोड़ों को नकद सहायता के साथ-साथ गृहस्थी के लिए उपयोगी उपहार भी प्रदान किए जाते हैं।
योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया एवं फॉर्म
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ उठाने के इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
STEP 1: सबसे पहले सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट socialjustice.mp.gov.in पर विजिट करें।
STEP 2: वेबसाइट से मुख्यमंत्री कन्यादान/निकाह योजना का आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर लें।
STEP 3: फॉर्म डाउनलोड करने का सीधा लिंक - यहाँ क्लिक करें (PDF)

STEP 4: आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें और आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करके अपने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या शहरी क्षेत्र के नगर निगम/नगर पालिका कार्यालय में जमा करें।
STEP 5: इसके अलावा, आवेदन पत्र आप अपने स्थानीय निकाय कार्यालय या समग्र विवाह पोर्टल (Samagra Vivah Portal) से भी प्राप्त कर सकते हैं।
यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है। इसमें हिंदू और मुस्लिम जोड़ों