छत्तीसगढ़ सरकार निराश्रित महिलाओं, जैसे कि विधवा और तलाकशुदा बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शक्ति स्वरूपा योजना (CG Shakti Swarupa Yojana) शुरू करने की तैयारी में है। शक्ति स्वरूपा योजना 2026 के माध्यम से राज्य सरकार इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपना स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक संबल देना है।

शक्ति स्वरूपा योजना 2026 (Chhattisgarh Shakti Swarupa Yojana) की घोषणा राज्य सरकार द्वारा लोकसभा चुनाव से पूर्व की गई थी। यह पहल प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के विजन को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए निराश्रित और बेसहारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है, क्योंकि अक्सर पति के देहांत या तलाक के बाद महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह योजना महिलाओं को व्यावसायिक क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित करेगी।

शक्ति स्वरूपा योजना 2026 (Chhattisgarh Shakti Swarupa Yojana Apply Online Form) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आप नीचे दिए गए लेख में पढ़ सकते हैं।

शक्ति स्वरूपा योजना (CG Shakti Swarupa Yojana) 2026 क्या है?

सामाजिक परिस्थितियों पर गौर करें तो पता चलता है कि पति की मृत्यु या तलाक (कानूनी रूप से मान्य) के बाद महिलाओं के पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचता। कई बार कम पढ़ी-लिखी या व्यावसायिक कौशल न होने के कारण ऐसी महिलाओं का जीवन कठिन हो जाता है।

विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण या अनुदान प्रदान करने हेतु यह योजना राज्य के चार विशेष जिलों - बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में शुरू की गई है।

शक्ति स्वरूपा योजना का लक्ष्य

गरीब परिवारों की ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर स्वावलंबी बनाना है, ताकि वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने बच्चों और परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

शक्ति स्वरूपा योजना की पात्रता

  • बीपीएल (गरीबी रेखा) सूची में नाम होने पर महिला या उनके माता-पिता/पति पात्र होंगे।
  • यदि नाम सूची में नहीं है, तो परिवार की वार्षिक आय 60,000 रुपये से कम होनी चाहिए (सक्षम अधिकारी का आय प्रमाण-पत्र अनिवार्य है)।
  • महिला की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • आवेदक महिला का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है।

शक्ति स्वरूपा योजना के अंतर्गत सहायता का स्वरूप

अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण पर सब्सिडी

बैंक से परियोजना को मंजूरी मिलने पर, कुल लागत का 15 प्रतिशत या अधिकतम 30,000 रुपये तक की राशि विभाग द्वारा बैंक को अनुदान के रूप में दी जाएगी।

शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय मदद

पात्र महिलाएं यदि 12वीं के बाद उच्च शिक्षा या व्यावसायिक प्रशिक्षण लेना चाहती हैं, तो प्रवेश शुल्क और वास्तविक शिक्षण खर्च की प्रतिपूर्ति सीधे संस्थान को की जाएगी।

  • व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए अधिकतम 25,000 रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी, जिसके लिए शासकीय या मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।
  • यदि महिला को पढ़ाई या प्रशिक्षण के लिए किराए के आवास या हॉस्टल में रहना पड़ता है, तो जिला अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता बैंक खाते में सीधे दी जाएगी।

व्यावसायिक उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता

  • व्यावसायिक उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी, बशर्ते उन्होंने प्रवेश की प्रक्रिया पूरी