यूपी प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना 2026: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर योजना 2026 लागू करने जा रही है, जिसके लिए योगी सरकार ने विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है। ऊर्जा विभाग के अनुसार, राज्य सरकार 15 नवंबर से प्रदेश भर में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर (Uttar Pradesh Smart Meter Installation Project) लगाने का कार्य शुरू करेगी। इस योजना के प्रथम चरण में, सरकारी अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों और मंत्रियों के आवासों पर ये स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के नागरिकों को सस्ती और सुलभ बिजली सुनिश्चित की जा सके।
राज्य के ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल भुगतान के मामले में सरकारी महकमों और जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। इसी को देखते हुए सुधार की शुरुआत इन्हीं लोगों के घरों से की जा रही है। सरकार ने 50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर का ऑर्डर पहले ही दे दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी विभागों पर बिजली निगम का 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे किश्तों में चुकाने का विकल्प भी बेअसर रहा है।
यूपी प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना 2026
योगी सरकार द्वारा इस स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को शुरू करने के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:-
- स्मार्ट मीटर के माध्यम से सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय पर बिल भुगतान सुनिश्चित होगा, क्योंकि बिजली उपयोग के लिए पहले रिचार्ज अनिवार्य होगा।
- बिल भुगतान में नियमितता आने से बिजली विभाग का आर्थिक बोझ कम होगा, जिससे प्राप्त राजस्व का उपयोग जन-कल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा।
- भविष्य में बिजली दरों में स्थिरता आएगी, जिससे आम जनता को सस्ती बिजली मिल सकेगी।
- बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा, क्योंकि स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का पता विभाग को तुरंत और सबूत के साथ चल जाएगा।
- वितरण प्रणाली में होने वाली भारी बिजली हानि (Line Loss) में उल्लेखनीय कमी आएगी।
भारत में बिजली उत्पादन प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद, चोरी और बिल भुगतान न करने जैसी समस्याओं के कारण दरें अधिक बनी रहती हैं। ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर अक्सर चोरी की गई बिजली का अतिरिक्त भार पड़ता है, जिसे दूर करना इस योजना का लक्ष्य है।
इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 1 लाख मीटर लगाए जा रहे हैं। राज्य में अब तक लगभग 7 लाख मीटर स्थापित हो चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य सभी उपभोक्ताओं को इसके दायरे में लाना है। केंद्र सरकार भी भविष्य में बिजली चोरी रोकने के लिए इसी तरह की उन्नत तकनीक को बढ़ावा दे रही है।
UPPCL द्वारा उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ प्रीपेड बिजली मीटर
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) सौभाग्य योजना के अंतर्गत राज्य में 1 करोड़ प्रीपेड बिजली मीटर स्थापित करने जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी को रोकना और राजस्व संग्रह में वृद्धि करना है। 'प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना' के तहत सरकार हर घर तक बिजली पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन स्मार्ट मीटरों से मीटर रीडिंग में तकनीकी सुधार आएगा। उपभोक्ता अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अपनी खपत को स्वयं ट्रैक कर सकेंगे। यह योजना UPPCL और अन्य वितरण कंपनियों (Discoms) के घाटे को कम करने और लाइन लॉस को 15% तक सीमित करने में सहायक होगी।
स्मार्ट मीटर बिजली विभाग के अधिकारियों को ऑनलाइन डेटा के माध्यम से वास्तविक खपत की निगरानी करने में सक्षम बनाएंगे। प्रदेश में इन मीटरों को लगाने का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।
यूपी प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है?
इस योजना के तहत, UPPCL उन 13 जिलों में प्रीपेड मीटर लगाएगा जहाँ बिजली की हानि (Line Loss) सबसे अधिक है, जैसे कानपुर, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली और लखनऊ। उपभोक्ता मात्र 50 रुपये के न्यूनतम रिचार्ज से भी मीटर को टॉप-अप कर सकेंगे। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या बैंक पासबुक का उपयोग किया जा सकता है।
UPPCL ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के माध्यम से 1 करोड़ स्मार्ट मीटर का टेंडर जारी